Eid Al-Adha 2020:ईद अल-अधा 2020: ट्रेंडिंग फोटोज, कोट्स, ग्रीटिंग्स, इमेजेज और पोस्टर, विशेज
ईद अल-अधा की हार्दिक शुभकामनाएं
अल्लाह आपको और आपके परिवार को इस
त्यौहार ईद अल-अधा पर खुसियों और शांति लाए
ईद अल-अधा दोस्तो पूरी दुनिया मे हर साल के तरह इस साल भी मनाने जा रहे है । दोस्तो हम बात कर रहे है,ईद अल-अधा जो दुनिया भर के मुसलमानों द्वारा मनाया जाने वाला त्योहार है। ईद अल-अधा मुसलमानो की साल मे तीर्थयात्रा और अब्राहम के बलिदान को याद करने के लिए ईद अल-अधा मनाया जाता। ईद उल-अधा के शुभ त्योहार पर, अपने मुसलमान भाइयो को इन शानदार त्योहार मे शुभकामनाओं के साथ शुभकामनाएं दें।
ईद अल-अधा की बेस्ट फोटो
ईद अल-अधा का महत्व!
ईद अल-अधा पुरी कायनात के मुसलमानो के लिए एक बड़ा महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है । मुसलमानो द्वारा ईद अल-अधा हर साल बहुत ही धूमधाम और खुशियों के साथ मनाते है, अगर ऐसा देखा जाए तो ईद तीन तरह से मनाया जाता है जैसे ईद,ईदुलफित्र ,मिलादुन्नबी यह तीन ईद की तरह ही होते लेकिन तरीके सब में अलग अलग से किए जाते है। यह हर वर्ष मुसलमानो द्वारा मनाया जाता है क्योंकी इससे आपस मे भाइचारा बढ़ती है और साथ मिलजुलकर रहने से इंसानियत को बढ़ावा देती है और इससे अच्छा शांति का माहोल भी लोगो मे बनी रहती है।
मुसलमानो द्वारा ईद तीन तरह से मनाई जाती है।
ईद अल-अधा के बाद भी और भी दो तरह से जैसे ईद को ईदुलफित्र और रमजान के नाम से भी जानते है और दूसरी ईद को मिलादुन्नबी के नाम से भी जाना जाता है। ईद अल-अधा या बकरा ईद को कई नामो से मुस्लिम लोगो द्वारा जानते है। ईद अल-अधा को एक तरह से नमकीन त्यौहार भी बोला जाता है। यह त्यौहार ईद अल-अधा मुस्लिम लोगो द्वारा खास कर जानवरो की कुर्बानी के लिए मनाया जाता है और इस त्यौहार को बकरा ईद के रूप मे मनाया जाता है।
ईद अल-अधा के बाद भी और भी दो तरह से जैसे ईद को ईदुलफित्र और रमजान के नाम से भी जानते है और दूसरी ईद को मिलादुन्नबी के नाम से भी जाना जाता है। ईद अल-अधा या बकरा ईद को कई नामो से मुस्लिम लोगो द्वारा जानते है। ईद अल-अधा को एक तरह से नमकीन त्यौहार भी बोला जाता है। यह त्यौहार ईद अल-अधा मुस्लिम लोगो द्वारा खास कर जानवरो की कुर्बानी के लिए मनाया जाता है और इस त्यौहार को बकरा ईद के रूप मे मनाया जाता है।
ईद अल-अधा को एक तरह से समझे तो ईद को जोड़ा गया बकरे से है और असल मे बकर का मतलब जानवर और कुरबां का मतलब बलिदान की भावना से जानवर को कुरबां करना होता है।अगर अरबी मे समझे तो 'कर्ब' का अर्थ नजदीकी को कहते है। इस त्यौहार मे ज्यादातर कुर्बानी के रूप मे जानवर को जिबह किया जाता है।
कुर्बानी के त्यौहार को हज के महीने मे मनाया जाता है, इस हज के महीने में दसवीं, ग्यारहवीं, बारहवीं और तेरहवीं तारीख मे जानवर को जिबह किया जाता है।ईद अल-अधा के दिन जानवर को जिबह करके हज के रस्म को पूरा किया जाता है।
भारत मे ईद अल-अधा को बहुत ही धूमधाम से मनाते है। इस त्योहार की शुरूवात अरब देश से हुई और अब कई मुस्लिम देशों मे इस त्योहार ईद अल-अधा को मनाया जाता है लेकिन भारत मे इस त्योहार को बहुत ही अनोखे रूप से मनाते है और दूसरे देशों से अधिक भारत के लोगो मे उत्साह देखा जाता है।
राजाओ और मुगलों के समय से ही ईद अल-अधा का प्रचलन हुआ उस समय मे मुगल जहांगीर अपने प्रजा के साथ ईद अल-अधा का त्योहार मनाते थे। भारत के मुगलों द्वारा मनाया जाने वाला त्योहार भारत मे इस परंपरा को वर्षा से करते आ रहे है। भारत मे इस त्योहार को हर वर्ष पूरे देश मे पूरे गौरवशाली के मनाया जाता है।



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